जगदीप धनखड़ की जीवनी | Jagdeep Dhankhar Biography in Hindi | Vice President Jagdeep Dhankhar

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जगदीप धनकड़  इंडिया के  उपराष्ट्रपति उम्मीदवार को 6 अगस्त 2022 को भारत के 14वें उपराष्ट्रपति के रूप में चुने गए . आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वह इसके पहले भारतीय जनता पार्टी के सदस्य भी रह चुके हैं. और वे पश्चिम बंगाल के वर्तमान राज्यपाल के रूप में कार्यरत थे.परंतु आज हम आपको बताने वाले हैं कि जगदीप धनकड़  कौन हैं? कैसा रहा आज तक का उनका जीवन. ताकि आप भी जान सके कि भारत के उपराष्ट्रपति कहां से हैं और उनके जीवन के बारे में. तो चलिए मित्रों आपको बताते हैं उनका जीवनी.


जगदीप धनखड़ जीवन परिचय

नाम-- जगदीप धनखड़

जन्म-- 18 मई 1951

जन्म स्थान-- किठाना गांव, झुंझुनू जिला, राजस्थान

उम्र-- 71 साल

जाति-- जाट

प्रसिद्धि-- भारत के 14वें उपराष्ट्रपति

व्यावसाय-- राजनेता और वकील

पार्टी-- जनता दल [1988-1991], भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस [1991-2003], भारतीय जनता पार्टी [2003- 2019]

स्कूल-- शासकीय प्राथमिक विधालय, किठाना, सैनिक स्कूल, चित्तौड़गढ़

कॉलेज-- महाराजा कॉलेज, जयपुर, राजस्थान विश्वविधालय

शैक्षिक-- बीएससी (ऑनर्स) भौतिक, एलएलबी

शौक-- यात्रा करना, ध्यान करना और पढ़ना

वैवाहिक स्थिति-- विवाहित

विवाह तिथि-- साल 1979

पत्नी-- डॉ. सुदेश धनकड़

बच्चे बेटी--कामना धनकड़, बेटा- पता नहीं

पिता का नाम-- चौधरी गोकल चंद

माता का नाम-- केसरी देवी

भाई का नाम-- कुलदीप धनकड़, रणदीप धनकड़

बहन का नाम-- इंद्र धनकड़

वेतन पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में-- एक लाख दस हजार रूपये


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जन्मस्थान 

18 मई 1951 को किठाना गांव, झुंझुनू जिला के  राजस्थान में जगदीप धनखड़ का जन्म हुआ. वह जाट परिवार से आते हैं. वहीं पर उनका लालन-पालन भी हुआ.

जगदीप धनखड़  के पिता का नाम  पिता चौधरी गोकल चंद, माता केसरी देवी है. परंतु अब माता-पिता का स्वर्गवास हो चुका है. उनके परिवार में बड़ा भाई कुलदीप धनकड़, छोटा भाई रणदीप धनकड़ और बहन इंद्र है.  और सभी की शादी हो चुकी है.जगदीप धनखड़ के परिवार में सुदेश धनकड़ और एक बेटी कामना धनकड़ और दामाद कार्तिकेय वाजपेयी भी है.

जगदीप धनखड़ की शिक्षा

शिक्षा की बात करें तो जगदीप धनखड़ की प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल में संपन्न हुई. यह स्कूल उनके गांव में ही स्थित है. उसके बाद उन्होंने कक्षा 6 में घर से कुछ दूरी पर एक स्कूल में  नामांकन करवाया. चुकी स्कूल घर से दूर था इसलिए उनको प्रतिदिन पैदल चलकर स्कूल जाना होता था. उसके बाद उन्होंने साल 1962 में सैनिक स्कूल में नामांकन कराया. उनके बड़े भाई कुलदीप धनकर ने भी सैनिक स्कूल से अपनी शिक्षा पूरी की थी.

उसके बाद की पढ़ाई उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से संपन्न किया. यहां से उन्होंने बीएससी भौतिकी की डिग्री हासिल की.


फिजिक्स में डिग्री हासिल करने के बाद उसी विश्वविद्यालय से उन्होंने एलएलबी की भी डिग्री ली. एलएलबी की डिग्री उन्हें वर्ष 1979 में मिला.


शादी

जगदीप धनखड़  की पत्नी सुदेश धनखड़ साल 1979 में ग्रामीण परिवेश के एक प्रतिष्ठत कॉलेज में पढ़ती थी. दोनों का विवाह वर्ष 1979 में हुआ. आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि जगदीप धनखड़ की पत्नी को सामाजिक कार्य और जैविक खेती, बालल शिक्षा में काफी रूचि है. और यह न केवल उनकी रूचि है बल्कि वह समय-समय पर इस पर कार्य भी करती हैं. इसके अलावा उनकी पत्नी को घूमना भी काफी पसंद है.


राजनीतिक सफर

अगर उनकी राजनीतिक सफर की बात की जाए तो जगदीप धनखड़ का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है. बीजेपी में शामिल होने से पहले जगदीप धनखड़  वर्ष 1989 से 1991 तक राजस्थान के झुंझुनू से  सांसद पद पर थे. और इसके बाद वह जनता दल के सदस्य हुए.  उसके बाद वह 1993 से 1998 के बीच राजस्थान के किशनगढ़ से विधानसभा सदस्य भी रहे.


वर्ष 1989 को उन्हें झुंझुनू से 9वीं लोकसभा के लिए चुने गए . फिर उसके बाद वह 1990 में संसदीय समिति के अध्यक्ष भी चुने गए.


फिर उसके बाद वे 1990 में केंद्रीय मंत्री बने और 1993-1998 में अजमेर जिले के किशनगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा  के लिए चुने गए.


राजस्थान में उन्होंने जाट समुदाय के साथ अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों को ओबीसी में शामिल करने का दर्जा दिया. फिर इसके बाद देश के राष्ट्रपति राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने साल 2019 को भारत के संविधान के अनुच्छेद 155 के तहत वारंट जारी किया गया.


लोकसभा और विधानसभा दोनों में महत्वपूर्ण हिस्सा रहे है केंद्रीय मंत्री यूरोपिय संसद के संसदीय समूह का हिस्सा भी रहे चुके हैं ।


जगदीप धनखड़  ने कई मुद्दों पर अहम जानकारी जारी करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार की कई बार फटकार लगाई। दोनों पक्षों के बीच काफी विवाद भी फैला।


विवाद

वे अकसर टीएमसी को निशाना बनाते हुए और उनपर टिप्पणी करते हुए विवादों में घिरे रहे हैं।


वर्ष 2019 में जादवपुर विश्वविधालय के एक कर्मचारी संघ जिसके प्रवेश को राज्यपाल द्वारा रोका गया था।


 2020 जुलाई  में राज्यपाल ने अपने आवास पर राज्य के कॉलेज को लेकर बैठक बुलाई। जिसनें जांच के आदेश दिए गए।


2022 जनवरी में पश्चिम बंगाल में हिंसा फैलने के बाद राज्यपाल ने ममता के ऊपर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।


जगदीप धनकड़ बने 14वें उपराष्ट्रपति

पश्चिम बंगाल राज्य के पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़  भारत के 14वें  उपराष्ट्रपति पद पर नियुक्त किए गए. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 10:00 बजे सुबह शुरू हुआ था. इसके लिए सबसे पहला वोट माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी व्हीलचेयर के सहारे पर पहुंचे. और उन्होंने भी अपना अमूल्य भूत डाला. इसके साथ और लोगों ने भी अपना अपना अमूल्य वोट डालकर  उपराष्ट्रपति चुना.


FAQ

Q- कौन है जगदीप धनकड़?

Ans-- भारतीय जनता पार्टी के उपराष्ट्रति और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रह चुके हैं जगदीप धनकड़।


Q- कौन है जगदीप धनकड़ की पत्नी?

Ans  उनकी पत्नी सुदेश धनकड़ एक समाजसेवी है।


Q- जगदीप धनखड़ कौन से नंबर के बने उपराष्ट्रपति?

Ans- जगदीप धनखड़  14वें नंबर के बने उपराष्ट्रपति  चुने गए.







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