Dosa: 'डोसा' के आविष्कार से जुड़ी कहानियां

Dosa: 'डोसा' के आविष्कार से जुड़ी कहानियां
Dosa

क्या आप जानते हैं डोसा के आविष्कार से जुड़ी कहानियां


ज्यादातर लोग साउथ इंडियन क्यूज़ीन (South Indian Cuisine)का मतलब समझते हैं-इडली और डोसा. लेकिन जो खाने के शौकीन होते हैं या फ़ूडीज़ यह बहुत ही अच्छी तरह से जानते हैं कि साउथ इंडियन कुज़ीन (South Indian Cuisine)का मतलब सिर्फ इडली डोसा नहीं होता है. अगर हमारा मन एक ही खाने से उठ जाता है और बाहर कुछ खाने का दिल करता है तो हम अक्सर साउथ इंडियन कुज़ीनका रुख कर लेते हैं. साउथ इंडियन कुज़ीन न  बीमार पड़ने की टेंशन होती है.और जीव का स्वाद भी बदल जाता है.  इडली पर हम किसी और लेख  में बात करेंगे,आज हम बात करेंगे  'डोसा' (Dosa) की.


डोसे का इतिहास (History of Dosa )


इस पर अभी तक कोई सटीक जानकारी नहीं मिली है कि डोसा  (Dosa) कहां से आया. फूड हिस्टोरियन के बीच इस बात को लेकर काफी मतभेद है.

12 वीं शताब्दी के संस्कृत विश्वकोश, मनसोल्लास  में डोसा का जिक्र पाया जाता है. 


एक ब्राह्मण ने बनाया डोसा ?

जैसा कि पहले ही बता दिया गया है कि डोसा  (Dosa) के आविष्कार या उत्पत्ति को लेकर कई कथाएं प्रचलित हुई. Slurrp के एक लेख की माने तो डोसा सबसे पहले कर्नाटक में बनाई गई थी.उडुपी के एक ब्राह्मण का ध्यान कर्मकांड और से हट जाने के कारण उनके मन में मदिरापान करने की तीव्र इच्छा जाग गई. वह ब्राह्मण चावल को गला और सड़ाकर अपने घर में ही मदिरा बनाने की कोशिश करने लगा लेकिन वह सफल नहीं हो पाया. उसके बाद इस चावल को उसने पीसकर एक तवे पर डालकर एक रेसिपी बनाया. मदिरा और मांस का सेवन तो वैसे पाप कर्म माना जाता है अगर इस प्रचलित कथा पर विश्वास करें तो 'दोष'से डोसा का जन्म हुआ.



मैसूर के राजा के रसोई में बनी डोसा ?


डोसा  (Dosa)से जुड़ी एक और कहानी काफी मजेदार है. मैसूर के राजा के एक त्यौहार के समापन के बाद बहुत सारा भोजन बच गया. मैसूर के महाराजा का आदेश हुआ की इतना सारा खाना बर्बाद ना हो. इस पर वहां के रसोइयों ने बचे कुचे खाने में मसाला और खूब सारा घी डालकर डोसा बना दिया और आलू के साथ परोस दिया.


आज हर राज्यों में अलग-अलग तरीके से ठोसे को बनाया जाता है. कभी से सांभर के साथ तो कभी चटनी के साथ परोसा जाता है. आजकल तो लोग डोसा के साथ एक्सपेरिमेंट भी करने लगे हैं.कुछ लोग इसमें पनीर चीज चॉकलेट आइसक्रीम सब कुछ भरने लगे हैं. जो मजा मसाला डोसा सांभर और बादाम की चटनी में आती है वह मजा और किसी में नहीं आती.
Reactions

Post a Comment

0 Comments